Axis बैंक के शेयरों में भारी गिरावट: तिमाही नतीजों का असर और निवेशकों की चिंता

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Axis बैंक के शेयरों में भारी गिरावट: तिमाही नतीजों का असर और निवेशकों की चिंता

Axis बैंक के शेयरों में भारी गिरावट: निवेशकों के लिए चिंता का विषय

भारतीय बैंकिंग सेक्टर में Axis बैंक का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। लेकिन हाल ही में इस बैंक के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बैंक के तीसरी तिमाही के नतीजे सामने आने के बाद उनके शेयर 6% तक गिर गए, जिससे वे 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुँच गए। यह गिरावट निवेशकों के बीच चिंता का विषय बन चुकी है।

साल 2024-25 के लिए तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजों ने बैंक के प्रदर्शन पर कई सवाल उठाए हैं। हालाँकि बैंक का सन्निहित मुनाफा 3.8% बढ़कर 6,304 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन यह विश्लेषकों की अपेक्षाओं से कम था। पिछले साल की इसी अवधि में यह मुनाफा 6,071 करोड़ रुपये था। विश्लेषकों को उम्मीद थी कि बैंक का प्रदर्शन अधिक सशक्त होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

सलिप्पेज और बढ़ती क्रेडिट कॉस्ट

सबसे बड़ा कारण जो चिंता में डालने वाला है, वह है बैंक के स्लिपपेज और क्रेडिट कॉस्ट का उच्च स्तर पहुँच जाना। तिमाही के दौरान नए स्लिपपेज 5,432 करोड़ रुपये रहे, जो साल-दर-साल 46% और क्रमिक रूप से 22.25% की दर से बढ़े। इसमें से सबसे ज्यादा स्लिपपेज रिटेल पोर्टफोलियो से आए जो 4,923 करोड़ रुपये रहे। इससे यह स्पष्ट है कि बैंक की रिटेल के साथ-साथ एसएमई और होलसेल बुक में भी समस्याएं हैं।

लोन लॉस प्रोविज़न भी बढ़कर 2,185 करोड़ रुपये हो गए, जो पिछली तिमाही (Q2) में 1,441 करोड़ रुपये और पिछले साल Q3 में 691 करोड़ रुपये थे।

वित्तीय दृष्टिकोण का विश्लेषण

वित्तीय वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में bank के प्रदर्शन के विभिन्न पहलू विश्लेषण का विषय हैं। बढ़ते लॉस प्रोविज़न और स्लिपपेज निश्चित रूप से अन्दरूनी समस्याओं की ओर इशारा कर रहे हैं। इसके अलावा वित्तीय ग्रोथ और मार्जिन में भी सुधार की जरूरत है। बैंक ने डिजिटल बैंकिंग और पेमेंट्स के क्षेत्र में तो मजबूत स्थिति को बनाए रखा है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।

बैंकिंग क्षेत्र की निवेशक समुदाय के लिए यह जरूरी है कि वे बैंक के प्रति अपनी सोच मजबूत रखें और बैंकिंग सेक्टर की वृहद प्रतियोगिता को ध्यान में रखते हुए फैसले लें।

भविष्य की चुनौतियाँ

Axis बैंक को अब जिन चुनौतियों का सामना करना है, उनमें प्राथमिक है अपने क्रेडिट पोर्टफोलियो की स्थिति में सुधार लाना। बैंक प्रबंधन ने ध्यान दिलाया है कि असुरक्षित पोर्टफोलियो में वृद्धि के कारण यह स्थिति आई है, और यह निश्चित रूप से जोखिम भरा है।

इसके अतिरिक्त, बैंक को जमीनी स्तर पर ग्राहकों की जरूरतों को समझकर अपनी रणनीतियों को और बेहतर बनाना होगा ताकि वह आगामी तिमाही में बेहतर प्रदर्शन कर सके।

कुल मिलाकर, Axis बैंक की मौजूदा परिस्थिति को समझना निवेशकों के लिए बेहद जरूरी है। यह समय उनके लिए यह तय करने का है कि वे दीर्घकालिक निवेश के लिए तैयार हैं या नहीं। वर्तमान समय में बैंकिंग क्षेत्र में जारी चुनौतियों के प्रति तैयार रहना महत्वपूर्ण है।

मनीष तिलक

लेखक के बारे में मनीष तिलक

मैं एक पत्रकार हूँ और भारतीय दैनिक समाचारों पर लिखने का काम करता हूँ। मैं राजनीति, सामाजिक मुद्दे, और आर्थिक घटनाक्रम पर विशेष ध्यान देता हूँ। अपने लेखन के माध्यम से, मैं समाज में जागरूकता बढ़ाने और सूचनात्मक संवाद को प्रेरित करने का प्रयास करता हूँ।

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