एक घंटे भी नहीं गया था और ब्राजील की जीत पक्की हो चुकी थी। साऊ पाउलो में हुए इस मैच में पहली हाफ के आखिरी क्षणों में विंसियस जूनियर ने जो गोल किया, उससे पता चला कि नया कोच कार्लो अंटचेलोट्टी टीम को सही दिशा दे रहे हैं। 24 मार्च, 2026 को हुई इस 1-0 की जीत ने उन्हें 2026 फिफा वर्ल्ड कप के लिए ऑटमैटिक क्वालीफिकेशन दे दिया।
यहाँ का मतलब सिर्फ एक मैच नहीं समझना होगा। दरअसल, यह जीत साउथ अमेरिकन क्वालीफिकेशन के लंबे सफर का मील का पत्थर है। जिस ब्राजील का नाम पहले से ही फुटबॉल इतिहास में सबसे ऊपर दर्ज है, वह अपनी 23वीं बार टूर्नामेंट में भाग लेने वाली बन गई है। हँसी या शर्म क्या, यह खिलौनों से ज्यादा बड़ी जीत है। लेकिन कहानी में तारीफ से ज्यादा वजन रखता है स्टैंडिंग में स्थिति।
अंटचेलोट्टी का पहला जीत और विंसियस का जादू
कोच बेंच पर बैठकर देखते हुए ही अंटचेलोट्टी ने सोचा होगा कि उनकी रणनीति काम कर रही है। विंसियस जूनियर, जो मैच के आधे समय (स्ट्रोक ऑफ़ हाफटाइम) पर गोल डाल गए, उन्होंने रेज मद्रिड के हमलावर के रूप में दिखाया कि दुनिया भर में उनका मान क्यों बढ़ रहा है।
मगर रोमांटिक कहानियों से ज्यादा जरूरी है संख्याओं की बात। ब्राजील ने अब तक अपने खेले 16 मैचों से 25 पॉइंट जुटाए हैं। यहीं से खेल बदलता है। दक्षिण अमेरिका की लिग में अभी दूसरा स्थान उरुग्वे है और पहली जगह अर्जेन्टीना का है। वहीं, चौथे स्थान पर कोलंबिया है। ब्राजील तीसरे नंबर पर आकर सुरक्षित क्षेत्र में पहुंच गई है। अगर आप गणित समझने में उबर रहे हैं, तो कॉनमेबोल सेट-अप में सबसे ऊपर छठे नंबर तक सीधी एंट्री मिलती है। ब्राजील ने अपना नाम सुनिश्चित कर लिया।
कोनमेबोल क्वालीफिकेशन की संरचना और नियम
अक्सर लोग जानना चाहते हैं कि ये मैच कैसे तय होते हैं। इसके लिए दोबारा वापस जाने की जरूरत है। 16 मार्च 2023 को रवांडा की राजधानी किगाली में आयोजित 73वें फिफा कांग्रेस ने यह फॉर्मेट ठोस किया था। FIFA ने तभी घोषणा की थी कि सातों टीमों को सीधा मौका नहीं मिलेगा, बल्कि 10 टीमें आपस में खेलेंगी।
- प्रत्येक टीम अन्य सभी 9 टीम्स से दो बार खेलेगी (होम और अवे)।
- कुल 6 सीधी स्लॉट्स उपलब्ध हैं फाइनल टूर्नामेंट के लिए।
- सातवां स्थान प्ले-ऑफ में जाएगा।
CONMEBOL के अध्यक्ष अलेजैंड्रो डोमिंग्यूज ने इसे पुष्टि करते हुए कहा कि यह पुराना फॉर्मेट 1998 से चल रहा है और इसमें कोई बदलाव नहीं करना चाहिए।
पारaguay की मुश्किलें और अन्य परिणाम
जहाँ ब्राजील खुश है, वहाँ पारaguay की स्थिति बेहद नाजुक है। उनको अब केवल एक पॉइंट चाहिए उनके पहले वर्ल्ड कप बर्थ से 2010 बाद के लिए। लेकिन उनकी हालत में थोड़ा झटका लगा है। हालिया मैचों में वे उरुग्वे को हराने में सफल रहे थे, जिसे संतियागो के पास हुआ था, लेकिन ब्राजील के खिलाफ उन्हें 24 पॉइंट पर रुकना पड़ा।
दक्षिण अमेरिकी क्वालीफिकेशन में अन्य रिजल्ट्स भी दिलचस्प थे। चिली को बोलीविया के हाथों 1-2 से हार मिली। इस मैच में कैमिलो अलगारानाज़ और एडुआर्डो वार्गस जैसे प्लेयर्स ने भूमिका निभाई। ब्राजील ने पहले पेरो को 4-0 से मात दी थी, जहाँ राफीना ने दो पेनাল्टी गोल किए थे। उस मैच में 48,183 दर्शकों का हाज़िर रहना दर्शाता है कि इस रीगियन में फुटबॉल के प्रति जुनून कितना गहरा है।
भविष्य क्या लेकर आएगा?
2026 का वर्ल्ड कप उत्तरी अमेरिका में होना निर्धारित है। कनाडा, मेक्सिको और अमेरिका के शहरों में मैच आयोजित होंगे। अब ब्राजील को बाकी मैचों में बिना दबाव के खेलना है। पारaguay को अभी भी अपनी किस्मत आजमाने का मौका है। अगर वे अगले मैचों में एक भी पॉइंट लाते हैं, तो उनका सफर 2010 के बाद फिर शुरू होगा।
फिफा रैंकिंग के अनुसार (जुलाई 2023 का आंकड़ा), ब्राजील तीसरे नंबर पर है, जो अर्जेन्टीना और स्पेन के पीछे है। हालांकि, वर्तमान फॉर्म और अंटचेलोट्टी की कमान के तहत यह स्थिरता बनी रहेगी। यह टीम पूरी तरह से तैयार है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ब्राजील ने 2026 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाइंग कैसे पूरी की?
ब्राजील ने क्वालिफाइंग पूर्ण कर ली है क्योंकि साउथ अमेरिकी टेबल में उनके पास 25 अंक हैं। कॉनमेबोल नियम के तहत, 10 टीमों में से जो भी सबसे पहले 6वें स्थान से ऊपर का सुरक्षित स्थान पा लेती हैं, वे सीधे टिकट प्राप्त करती हैं।
कार्लो अंटचेलोट्टी के लिए यह जीत क्यों महत्वपूर्ण है?
यह अंटचेलोट्टी की नई कोचिंग कार्यवाही का पहला बड़ा जीत है। उनके नेतृत्व में विंसियस जूनियर जैसे स्टार खिलाड़ियों को सही प्ले-बिल्डर के रूप में इस्तेमाल किया गया, जिससे टीम का आत्मविश्वास बढ़ा।
पारaguay अभी वर्ल्ड कप के लिए बाकी है या नहीं?
नहीं, पारaguay अभी भी संघर्ष कर रहा है। उन्हें वर्तमान 24 अंकों से ब्रेक करने के लिए केवल एक अतिरिक्त पॉइंट की जरूरत है ताकि वे 2010 के बाद से पहली बार क्वालीफाई कर सकें।
क्वालिफिकेशन का फॉर्मेट क्या है?
यह एक रौंड-रोबिन फॉर्मेट है जहां 10 साउथ अमेरिकी टीमें एक-दूसरे से दो बार खेलती हैं। शीर्ष 6 सीधे क्वालिफाई करते हैं, जबकि 7वें स्थान पर पहुंचने वाला टीम इंटर-कॉन्फेडरेशन प्ले-ऑफ जाता है।
Uma ML
26.03.2026Main pehle se bata rahi thi ki log samjh nahi pate. Log sirf score dekhte hain aur baaki kuch nahi. Unhein strategy nahi samajh aati kabhi bhi. Karlo aanchelloti ne kya kiya woh dekhna chahiye properly. Wo ek bada naam hai duniya mein coaching field ke liye. Aur unhone team ko bilkul set kiya hai sahi tarike se. Ab vinicius shine kar raha hai har ball ke peeche. Khushiyan mil rahi hain fans ko iss jeet se. Lekin humein ghabrana nahi hai is situation mein. Saare raaz surface par aa jate hain eventually. Jab press conference hoti hai tab log sunte hain. Tabbat media bolta hai galat baatein aksar. Par sach agar malum ho jaye toh farak padta hai. Toh sabka nazara badal jayega automatically aage. Mera kehna yahi hai ki trust rakho experts par.