मोरक्को की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम, एटलस लायंस, ने फीफा अरब कप 2025 के फाइनल में लुसैल स्टेडियम, दोहा में जॉर्डन को 2-1 से हराकर अपना पहला फीफा-मान्यता प्राप्त अरब कप खिताब जीता। यह मुकाबला 18 दिसंबर, 2025 को शाम को शुरू हुआ और एक्स्ट्रा टाइम के अंतिम मिनट में फैसला हुआ, जब मोरक्को के कप्तान मोहम्मद ह्रिमात के नेतृत्व में टीम ने एक ऐसा गोल किया जिसे beIN SPORTS USA ने 'अविस्मरणीय दृश्य' कहा। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि एक इतिहास का निर्माण था — जिसने मोरक्को को 1985 और 1988 के पुराने फॉर्मेट के बाद पहली बार फीफा के तहत अरब कप चैंपियन बना दिया।
एक्स्ट्रा टाइम की धमाकेदार रात
मैच शुरू हुआ तो मोरक्को ने 35वें मिनट में लीड ले ली, लेकिन जॉर्डन ने 78वें मिनट में एक तेज़ काउंटर अटैक से बराबरी कर ली। फिर दोनों टीमों ने एक दूसरे को दबाने की कोशिश की — जॉर्डन की डिफेंस बेहद संगठित थी, जबकि मोरक्को के मिडफील्ड में ह्रिमात ने रफ्तार बढ़ा दी। 120वें मिनट में, जब सबको लग रहा था कि पेनल्टी शूटआउट होगा, तभी मोरक्को के युवा फॉरवर्ड ने बाएं फ्लैंक से एक लंबा क्रॉस लगाया, जिसे ह्रिमात ने हेड मारकर गोल कर दिया। लुसैल स्टेडियम के 88,966 दर्शक खड़े हो गए। एक विजेता टीम ने अपनी जीत के लिए 120 मिनट लड़ा — और इस रात का मौसम भी बहुत अनुकूल रहा: दोहा में रात का तापमान 20°C था, जो खिलाड़ियों के लिए आदर्श था।
अलग-अलग तारे, एक ही रात
इस फाइनल के बाद मोहम्मद ह्रिमात को एडिडास गोल्डन बॉल से सम्मानित किया गया — टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब। उनकी टीम ने तीन मैचों में बिना हारे फाइनल तक पहुंचा। वहीं, जॉर्डन के फॉरवर्ड अली ओलवान ने टूर्नामेंट के दौरान 7 गोल करके टॉप स्कोरर का खिताब जीता। यह बात अद्भुत है: एक टीम ने टॉप स्कोरर के साथ फाइनल में हार कर भी अपनी जीत का अहसास किया। जॉर्डन के कोच ने मैच के बाद कहा, 'हम ट्रॉफी नहीं जीते, लेकिन दुनिया ने हमें देखा।'
क्यों यह जीत इतनी बड़ी है?
मोरक्को ने पहले भी अरब कप जीता था — 1985 और 1988 में। लेकिन उस समय यह टूर्नामेंट फीफा के अधीन नहीं था। यह 2025 का विजय असली टेस्ट था: फीफा के नियमों के तहत, अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ, और दुनिया भर के दर्शकों के सामने। इस जीत के साथ मोरक्को को 2027 फीफा कॉन्फेडरेशन्स कप में भाग लेने का सीधा अधिकार मिल गया। यह वह टूर्नामेंट है जहां दुनिया के सभी महाद्वीपीय चैंपियन एक साथ आते हैं — और अब मोरक्को भी उनमें शामिल है।
स्टेडियम, स्ट्रीमिंग और स्ट्रैटेजी
लुसैल स्टेडियम ने फीफा वर्ल्ड कप 2022 के बाद फिर से अपनी दुनिया भर की शान दिखाई। इसकी क्षमता 88,966 है, और इस बार भी यह फुटबॉल की दुनिया का केंद्र बना। beIN SPORTS, जिसका मुख्यालय दोहा में है, ने इस मैच को लाइव कवर किया। उनके विश्लेषण बताते हैं कि मोरक्को ने दूसरे हाफ में अपनी टैक्टिक्स बदली — वे लंबे पास और विंग्स पर जोर देने लगे। जॉर्डन ने तीन बार डिफेंस में बदलाव किया, लेकिन एक्स्ट्रा टाइम में शरीर थक गया। एक एक्सपर्ट ने कहा, 'ये दोनों टीमें बहुत अच्छी थीं — लेकिन मोरक्को के पास वो अनुभव था जो फैसला कर देता है।'
अगला कदम: रबात में जय यात्रा
मैच के अगले दिन, 19 दिसंबर, 2025, मोरक्को की टीम को राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए मोहम्मद वी स्टेडियम, रबात में एक नागरिक जययात्रा के साथ स्वागत किया गया। देश भर में लोगों ने सड़कों पर नाच-गाया। एक बच्चे ने एक टी-शर्ट पहनी जिस पर लिखा था: 'ह्रिमात हमारा हीरो है।' यह सिर्फ फुटबॉल नहीं, यह एक राष्ट्रीय गर्व का पल था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मोरक्को ने पहले कब अरब कप जीता था?
मोरक्को ने 1985 और 1988 में अरब कप जीता था, लेकिन तब यह टूर्नामेंट फीफा के अधीन नहीं था। 2025 की जीत उनकी पहली फीफा-मान्यता प्राप्त विजय है, जिसमें दुनिया भर के टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन हुआ।
जॉर्डन के लिए यह हार कितनी कठिन थी?
जॉर्डन ने टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया — अली ओलवान ने 7 गोल किए और टीम ने फाइनल तक बिना हारे रास्ता तय किया। लेकिन एक्स्ट्रा टाइम में थकान ने उन्हें पीछे धकेल दिया। यह उनकी दूसरी बार फाइनल में पहुंचने की कोशिश थी, लेकिन फिर भी वे दुनिया को दिखा दिया कि वे अब एक बड़ी टीम हैं।
मोहम्मद ह्रिमात क्यों चुने गए टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी?
ह्रिमात ने 5 मैचों में 3 गोल और 4 एसिस्ट दिए। उन्होंने टीम को नेतृत्व दिया, बीच में गेम को नियंत्रित किया और फाइनल में जीत का गोल भी बनाया। उनकी शांत प्रकृति और रात के अंतिम मिनटों में अद्भुत निर्णय लेने की क्षमता ने उन्हें गोल्डन बॉल दिलाया।
2027 कॉन्फेडरेशन्स कप क्या है और मोरक्को के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
कॉन्फेडरेशन्स कप फीफा की एक बड़ी टूर्नामेंट है जहां सभी महाद्वीपीय चैंपियन और विश्व कप विजेता एक साथ खेलते हैं। मोरक्को के लिए यह एक अवसर है कि वे दुनिया के शीर्ष टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा करें — जिससे उनकी बाजार शक्ति, खिलाड़ियों की खिंचाव और फुटबॉल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा।
क्या यह टूर्नामेंट भारत के लिए कोई प्रभाव डालता है?
भारत अरब लीग का सदस्य नहीं है, लेकिन यह टूर्नामेंट भारतीय फुटबॉल के लिए एक निर्देशक है। यह दिखाता है कि छोटी टीमें भी अच्छी टैक्टिक्स और टीमवर्क से बड़ी टीमों को हरा सकती हैं। भारतीय फेडरेशन ने इस टूर्नामेंट के बाद मोरक्को के कोचों के साथ बैठक करने की योजना बनाई है।
क्या लुसैल स्टेडियम को फीफा वर्ल्ड कप 2022 के बाद फिर से बदला गया?
नहीं, लुसैल स्टेडियम को फीफा वर्ल्ड कप 2022 के बाद कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया। बस इसे अरब कप 2025 के लिए तैयार किया गया — बिजली, सीटें और ट्रांसमिशन सिस्टम अपडेट किए गए। यह स्टेडियम अब दुनिया के सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले स्टेडियमों में से एक बन गया है।
Saileswar Mahakud
19.12.2025ये मैच तो देखा ही नहीं पर बस गोल का वीडियो देखकर आंखें भर आईं। कितनी शानदार टीमवर्क थी।
Uma ML
21.12.2025अरे भाई ये तो बस एक अरब कप है जिसमें बस अरब देश ही खेलते हैं और तुम यहां इतना उत्साह क्यों? वर्ल्ड कप का जिक्र करो तो बात बदल जाएगी। ये तो बस एक रीजनल टूर्नामेंट है जिसे फीफा ने ब्रांडिंग के लिए बनाया है।
Rakesh Pandey
21.12.2025ह्रिमात ने जो गोल किया वो देखो तो लगा जैसे समय रुक गया हो। बस एक सेकंड में पूरा मैच बदल गया। कोई रिकॉर्ड नहीं बनाया बस एक याद बना दी।
aneet dhoka
22.12.2025तुम सब भूल रहे हो कि ये मैच असल में किसके लिए था? फीफा के लिए नहीं बल्कि दोहा में बने उस स्टेडियम के लिए जो अभी तक बिक रहा है। ये सब बिजनेस है और तुम लोग इसे राष्ट्रीय गर्व कह रहे हो। ये टीम किसी भी अफ्रीकी टीम से नहीं लड़ सकती बस अरब देशों के बीच अपना अहंकार बढ़ा रही है।
Harsh Gujarathi
23.12.2025वाह ये तो बहुत खूबसूरत था 😭👏 जॉर्डन ने भी बहुत अच्छा खेला लेकिन मोरक्को के पास वो जादू था। इस जीत के बाद देश के बच्चे फुटबॉल खेलने लगेंगे। ये तो बस एक ट्रॉफी नहीं एक सपना है।
Senthil Kumar
24.12.2025गोल तो बहुत अच्छा लगा लेकिन जॉर्डन की डिफेंस तो बहुत स्मार्ट थी। अगर थोड़ा और टाइम मिलता तो शायद वो बराबरी कर पाते।
Rahul Sharma
25.12.2025मोरक्को की यह जीत एक नए युग की शुरुआत है। एक ऐसा देश जो अपने खिलाड़ियों को अपने जीवन का हिस्सा बनाता है, न कि सिर्फ एक उत्पाद। यह फुटबॉल की दुनिया में एक नए आदर्श की ओर एक कदम है।
Ayushi Kaushik
27.12.2025मैंने ये मैच रात को बिना सोए देखा था। जब ह्रिमात ने गोल किया तो मैं अपने कमरे में उछल पड़ी। ये जीत बस टीम की नहीं, बल्कि हर उस बच्चे की है जो सड़क पर फुटबॉल लेकर खेलता है। इसके बाद कोई नहीं कहेगा कि अफ्रीकी देश नहीं खेल सकते।
Basabendu Barman
29.12.2025तुम सब जानते हो कि ये मैच फीफा के लिए नहीं बल्कि कतर के लिए था। अगर आप जानते तो जानते कि लुसैल स्टेडियम के नीचे कितने मजदूर मरे? ये जीत खून से रंगी हुई है। लेकिन तुम लोग इसे जश्न मना रहे हो।
Krishnendu Nath
30.12.2025अरे भाई ये तो बस शुरुआत है मोरक्को के लिए अब दुनिया देखेगा उन्हें। इस टीम के साथ 2030 वर्ल्ड कप तक कुछ भी हो सकता है। जीते हुए देश के लोग अपनी आत्मा को जीते हैं।
dinesh baswe
31.12.2025जॉर्डन के लिए ये फाइनल बहुत बड़ी उपलब्धि थी। एक छोटा देश जिसने टूर्नामेंट में 7 गोल किए और फाइनल तक पहुंचा। ये टीम अब दुनिया के सामने है। अगली बार वो जीतेंगे।
Boobalan Govindaraj
1.01.2026ये टीम बस खेल नहीं रही थी बल्कि अपने देश के सपनों को खेल रही थी। एक गोल ने पूरे देश को जिंदा कर दिया। इसके बाद कोई नहीं कहेगा कि अफ्रीका के लोग बस बातें करते हैं।
mohit saxena
2.01.2026ह्रिमात का गोल देखकर लगा जैसे कोई फिल्म का अंत हो गया। बस इतना कहना है कि फुटबॉल कभी बस खेल नहीं होता।
Sandeep YADUVANSHI
3.01.2026मोरक्को को जीतने का क्या बड़ा जरूरी है? ये तो बस एक अरब टूर्नामेंट है। अगर ये वर्ल्ड कप जीत गए तो तब बात करना। ये सब बस एक ब्रांडिंग ट्रिक है।
Vikram S
3.01.2026फीफा ने ये टूर्नामेंट क्यों बनाया? क्योंकि ये जानता है कि अरब देश उसके नियमों को नहीं मानते। ये एक आधिकारिक चाल है जिससे वो अपनी शक्ति दिखाता है। और तुम लोग इसे जश्न मना रहे हो? बस एक नियंत्रण का उपकरण है।
nithin shetty
4.01.2026मोरक्को के लिए ये जीत बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने उन्हें कॉन्फेडरेशन्स कप के लिए क्वालिफाई कर दिया। लेकिन ये भी सच है कि जॉर्डन ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल किए। दोनों टीमों ने बहुत अच्छा खेला।
Aman kumar singh
4.01.2026ये जीत बस एक टीम की नहीं बल्कि पूरे अफ्रीका की है। जब एक अफ्रीकी टीम फीफा के तहत टूर्नामेंट जीतती है तो ये दुनिया को बताता है कि हम भी यहां हैं। अब देखो भारत कैसे इसका फायदा उठाता है।